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चेचक (Smallpox) का उपचार कà¥à¤¯à¤¾ है?
रोगी को तब तक अलग-थलग किया जाना चाहिठजब तक कि सà¤à¥€ सà¥à¤•ैब बंद न हो जाà¤à¤‚ (लगà¤à¤— 3-4 wk on ‎rash onset), वेरोला (variola) वायरस के संचरण को रोकने के लिठनॉनमà¥à¤¯à¥‚न (nonimmune) वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को। ‎निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण से बचने के लिठदà¥à¤°à¤µ और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ (electrolyte) संतà¥à¤²à¤¨ की निगरानी और रखरखाव किया ‎जाना चाहिà¤à¥¤ बà¥à¤–ार और दरà¥à¤¦ के लिठदवाà¤à¤‚ दी जानी चाहिà¤à¥¤ अचà¥à¤›à¤¾ पोषण समरà¥à¤¥à¤¨ बनाठरखा जाना चाहिà¤à¥¤ ‎तà¥à¤µà¤šà¤¾ की देखà¤à¤¾à¤² की जानी चाहिà¤à¥¤ जटिलताओं की निगरानी और उपचार किया जाना चाहिà¤à¥¤ जब तक किसी ‎पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला में चेचक के निदान की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ नहीं की जाती है, तब तक रोगियों को चेचक के टीकाकरण पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना ‎चाहिà¤, यदि वे आकसà¥à¤®à¤¿à¤• संचरण को रोकने के लिà¤, पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ या संदिगà¥à¤§ चेचक के साथ अनà¥à¤¯ रोगियों के साथ पृथक ‎होंगे। कॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤² घावों का इलाज सामयिक आइडॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤¨ (idoxuridine) से किया जा सकता है।
चेचक (Smallpox) का इलाज कैसे किया जाता है ?
चेचक (smallpox) के वायरस का कोई इलाज नहीं है। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में, दोहराया टीकाकरण कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के ‎परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प, वेरोला (variola) वायरस (चेचक) पूरी तरह से समापà¥à¤¤ हो गया है। चेचक (smallpox) के खतरे ‎में माने जाने वाले à¤à¤•मातà¥à¤° लोग à¤à¤¸à¥‡ शोधकरà¥à¤¤à¤¾ हैं जो पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला सेटिंग में इसके साथ काम करते हैं। चेचक ‎‎(smallpox) के वायरस के संपरà¥à¤• में आने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ नहीं होने पर, à¤à¤• से तीन दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤° टीकाकरण से ‎बीमारी इतनी गंà¤à¥€à¤° हो सकती है। इसके अलावा, à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ (antibiotics) वायरस से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ‎‎(bacteria) के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को कम करने में मदद करते हैं। चेचक का उपचार दवा की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पà¥à¤°à¤•ृति के लिठ‎अधिक बचा है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह à¤à¤• वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ है और चेचक (smallpox) के विषाणà¥à¤“ं के ‎बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जानकारी नहीं है। चेचक (smallpox )का पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°, टीकाकरण दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जाà¤à¤š की जाती है। यदि चेचक को ‎अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ छोड़ दिया जाता है, तो यह à¤à¤• महामारी और यहां तक कि à¤à¤• ला इलाज बीमारी हो सकती है। ‎इसलिà¤, चेचक के लिठसमय पर रोगनिरोधी उपचार बहà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤• है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, चेचक ‎‎(smallpox) को देवी सीता का आधिपतà¥à¤¯ माना जाता था। सदियों पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ परंपरा में, चेचक (smallpox) से पीड़ित ‎वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बाहरी रूप से नीम, हलà¥à¤¦à¥€ और आटे के मिशà¥à¤°à¤£ से उपचारित किया जाता था। इस मिशà¥à¤°à¤£ का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ ‎pustules के कारण होने वाली जलन पर ठंडा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पैदा करना है । à¤à¤• बार जब मवाद पूरी तरह से पक जाता ‎है , तो मवाद और संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ रकà¥à¤¤ को बहने देने के लिठवे थोड़े से कांटे से चà¥à¤à¤¾ के बाहर निकला जाता है । ‎हालांकि à¤à¤• दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, यह रोगी में दीरà¥à¤˜à¤•ालिक दरà¥à¤¦ से राहत देने में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होता है । आज, इस तरह के ‎दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• तरीकों का उपयोग नहीं किया जाता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ ने लगà¤à¤— à¤à¤• ही घटक को बनाठरखा है, लेकिन ‎इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठगठतरीके अलग हैं। आधà¥à¤¨à¤¿à¤• दिवस आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ अपने उपचार के बजाय रोग की रोकथाम पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ ‎है। वायरस (virus) के संपरà¥à¤• से पहले, टीका आपको बीमार होने से बचा सकता है। वायरस के संपरà¥à¤• में आने के 3 दिनों ‎के à¤à¥€à¤¤à¤°, वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ (vaccine) आपको बीमारी से बचा सकती है। यदि आप अà¤à¥€ à¤à¥€ इस बीमारी को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करते हैं, तो ‎आप à¤à¤• बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बहà¥à¤¤ कम बीमार पड़ सकते हैं। वायरस के संपरà¥à¤• में आने के 4 से 7 दिनों के ‎à¤à¥€à¤¤à¤°, वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ (vaccine) की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ आपको बीमारी से कà¥à¤› सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है। यदि आप अà¤à¥€ à¤à¥€ बीमारी ‎पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करते हैं, तो आप उतने बीमार नहीं पड़ सकते हैं जितना कि à¤à¤• अनिरà¥à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ होगा।
चेचक (Smallpox) के इलाज के लिठकौन पातà¥à¤° है ? (इलाज कब किया जाता है ? )
वायरस (virus) के संपरà¥à¤• से पहले, टीका आपको बीमार होने से बचा सकता है। वायरस के संपरà¥à¤• में आने के 3 दिनों ‎के à¤à¥€à¤¤à¤°, वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ (vaccine) आपको बीमारी से बचा सकती है। यदि आप अà¤à¥€ à¤à¥€ इस बीमारी को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करते हैं, तो ‎आप à¤à¤• बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बहà¥à¤¤ कम बीमार पड़ सकते हैं। वायरस के संपरà¥à¤• में आने के 4 से 7 दिनों के ‎à¤à¥€à¤¤à¤°, वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ (vaccine) की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ आपको बीमारी से कà¥à¤› सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है। यदि आप अà¤à¥€ à¤à¥€ बीमारी ‎पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करते हैं, तो आप उतने बीमार नहीं पड़ सकते हैं जितना कि à¤à¤• अनिरà¥à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ होगा।
उपचार के लिठकौन पातà¥à¤° (eligible) नहीं है?
जिन लोगों को वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ (vaccine) नहीं मिलनी चाहिà¤, उनमें वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ (vaccine) या इसके किसी à¤à¥€ घटक ‎‎(पॉलिमाइकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ बी (polymyxin B), सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¨ (streptomycin), कà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‡à¤•à¥à¤²à¤¿à¤¨ (chlortetracycline), ‎नेमाइसिन (neomycin)) से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है; गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला; जो महिलाà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ (breastfeeding) करा ‎रही हैं; उनको यह बेहद नà¥à¤•à¥à¤¸à¤¾à¤¨ दे सकता है और यह कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ वाले लोग, जैसे कि जो à¤à¤• ‎पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर चà¥à¤•े हैं,उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ नà¥à¤•à¥à¤¸à¤¾à¤¨ देता है à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ पॉजिटिव हैं, कैंसर के लिठउपचार पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर रहे ‎हैं, दवाà¤à¤‚ ले रहे हैं (जैसे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡) जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को दबा देते हैं, या हृदय की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है। साथ ही 12 ‎महीने से कम उमà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को टीका नहीं लगवाना चाहिà¤à¥¤ इसके अतिरिकà¥à¤¤, टीकाकरण संबंधी पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं ‎‎(à¤à¤¸à¥€à¤†à¤ˆà¤ªà¥€) पर सलाहकार समिति 18 वरà¥à¤· से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में चेचक के टीके के गैर-आपातकालीन उपयोग ‎के खिलाफ सलाह देती है और वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ के पैकेज समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ में कहा गया है कि गैर-आपातकालीन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ ‎में जराचिकितà¥à¤¸à¤¾ आबादी में उपयोग के लिठवैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ की सिफारिश नहीं की जाती है।
कà¥à¤¯à¤¾ कोई à¤à¥€ दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ (side-effects) हैं?‎
चेचक (Smallpox) के टीके के लिठये पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आमतौर पर उपचार के बिना दूर हो जाती हैं: लेकिन इससे वह ‎जगह लाल हो सकती है जहां टीका दिया गया था। कांख में गà¥à¤°à¤‚थियां बड़ी हो सकती हैं और गले में दरà¥à¤¦ हो सकता ‎है। जिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के टिका लगता है उसका बà¥à¤–ार ठीक हो जाता है। 3 में से 1 वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कम , सà¥à¤•ूल जाना , या ‎मनोरंजक गतिविधि को याद करने या सोने में परेशानी महसूस करता है। चेचक के टीके के लिठगंà¤à¥€à¤° ‎पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚। 1 मिलियन लोगों में से लगà¤à¤— 1,000 लोगों ने पहली बार अनà¥à¤à¤µà¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठचेचक का ‎टीका लगवाया था, जबकि जीवन-थमा नहीं था,गंà¤à¥€à¤° था । इन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को चिकितà¥à¤¸à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की ‎आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है: à¤à¤• वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ (vaccinia) रैश या à¤à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° तक सीमित घावों का पà¥à¤°à¤•ोप। यह वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ वायरस ‎का à¤à¤• आकसà¥à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° है जो टीकाकरण सà¥à¤¥à¤² को छूने और फिर शरीर के किसी अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‡ या किसी अनà¥à¤¯ ‎वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को छूने के कारण होता है। यह आमतौर पर जननांगों या चेहरे पर होता है, जिसमें आंखें à¤à¥€ शामिल हैं, जहां ‎यह दृषà¥à¤Ÿà¤¿ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है या अंधापन को जनà¥à¤® दे सकता है। वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ (vaccinia) साइट को छूने के ‎बाद साबà¥à¤¨ और पानी से हाथ धोना इसे रोकने में मदद करता है। वायरस रकà¥à¤¤ के माधà¥à¤¯à¤® से टीकाकरण सà¥à¤¥à¤² से ‎फैलता है। टीकाकरण सà¥à¤¥à¤² (सामानà¥à¤¯à¥€à¤•ृत वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨) से शरीर के कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ पर घाव हो जाते हैं। वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ के जवाब ‎में à¤à¤• विषाकà¥à¤¤ या à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ दाने जो विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ रूपों (à¤à¤°à¤¿à¤¥à¥‡à¤®à¤¾ मलà¥à¤Ÿà¥€à¤«à¥‰à¤°à¥à¤®) को ले सकता है।
उपचार के बाद दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ (guidelines) कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ दिठजाने के बाद, टीके की साइट की देखà¤à¤¾à¤² के लिठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करना बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। ‎कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वायरस जीवित है, यह आपके शरीर के अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤—ों में फैल सकता है, या अनà¥à¤¯ लोगों में à¤à¥€ फैल सकता है। ‎वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (vaccinia) वायरस (चेचक के टीके में जीवित वायरस) से दाने, बà¥à¤–ार और सिर और शरीर में दरà¥à¤¦ होता ‎है। लोगों के कà¥à¤› समूहों में, वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (vaccinia)वायरस से जटिलताà¤à¤‚ गंà¤à¥€à¤° होती हैं।
ठीक होने में कितना समय लगता है?
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤œà¤¼à¤° (exposure) के बाद, चेचक (smallpox) के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤•ट होने में 7 से 17 दिन लगते हैं (औसत ‎ऊषà¥à¤®à¤¾à¤¯à¤¨ समय 12 से 14 दिन है)। इस समय के दौरान, संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ठीक महसूस करता है और संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• ‎नहीं होता ।
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